About Us

हमारे बारे में

 

इस साइट के माध्यम से हम CISCE हिन्दी पाठ्‌यक्रम से संबंधित शैक्षणिक-सामग्री शिक्षकों और विद्‌यार्थियों के लिए उपलब्ध करवाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि कक्षा में हिन्दी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अत्यंत रोचक और जिज्ञासावद्‌र्धक बनाया जा सके। हिन्दी भाषा के विकास और लोकप्रियकरण के लिए हम समर्पित हैं।

यह साइट एक प्रयास है जिसका उद्‌देश्य शिक्षक और विद्‌यार्थियों के मध्य एक सेतु बनाना है जो कक्षा-शिक्षण को आधुनिक तकनीक के उपयोग द्‌वारा समाज और संस्कृति से जोड़ सके, जहाँ प्रत्येक विद्‌यार्थी अपने विचारों को एक-दूसरे से साझा कर सकने में सक्षम हो। उचित शिक्षण से विद्‌यार्थी में सकारात्मक सोच, समानता, लोकतांत्रिक दृष्टिकोण तथा मानवीय मूल्यों का संरक्षण करते हुए उनके चरित्र को सुदृढ़ बनाया जा सकता है। इस तरह वह एक आदर्शपूर्ण मानवीय समाज की स्थापना में अपना योगदान देता है और अपने ज्ञान का परिमार्जन करता है। ज्ञान हमें सवाल पूछने की हिम्मत, चुनौतियों से निपटने का जज़्बा और नई चीज़ों को खोजने की प्रेरणा देता है। एक विद्‌यार्थी जीवन में तभी सफलता प्राप्त कर सकता है जब वह अपने सपनों का पीछा करे और पीछा करते-करते आगे बढ़े और इस यात्रा में एक शिक्षक उसका सहयात्री होता है।

सौमित्र आनंद

     (शिक्षक)

मेरा मानना है कि हर विद्‌यार्थी में ज्ञान और संवेदना की भावना होती है और  शिक्षकों की यह ज़िम्मेदारी है कि  वह विद्‌यार्थियों को प्रोत्साहित करे। एक विद्‌यार्थी  तभी सफलता प्राप्त कर सकता है जब उसे उचित अवसरों और साधनों के साथ  अभिभावक और शिक्षकों का सहयोग एवं मार्ग-दर्शन प्राप्त होता रहे।
शिक्षण अधिगम प्रक्रिया का उद्‌देश्य कक्षा को जीवंत सामाजिक समुदाय में परिवर्तित करना होना चाहिए जहाँ प्रत्येक विद्‌यार्थी में सकारात्मक सोच, समानता का भाव, लोकतांत्रिक मूल्य और मानवीय दृष्टिकोण का विकास हो सके। जब एक विद्‌यार्थी अपनी शिक्षा पूरी कर, कक्षा से समाज तक की यात्रा शुरू करता है तब उसमें इतनी क्षमता होनी चाहिए कि वह अपने ज्ञान और संवेदना का समुचित उपयोग करते हुए समाज को नए सिरे से गढ़े और उसे ज़्यादा मानवीय बनाए।
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कार्यशाला

CISCE हिन्दी कार्यशाला

2012

CISCE हिन्दी कार्यशाला

2013

पश्चिम बंगाल प्राथमिक हिन्दी-शिक्षण कार्यशाला

2014

संस्कार वैली स्कूल, भोपाल कार्यशाला

2015-2018

अखिल भारतीय लोरेटो स्कूल कार्यशाला

2015

हिन्दी-शिक्षण कार्यशाला

2016

विद्‌यार्थियों के विचार…

तन्वी सुराना (विद्‌यार्थी, IBDP)

हिन्दीज्ञान ने शिषण शैली में नए तकनीकों और पारंपरिक विधाओं का समावेश कर हिन्दी कक्षा को बहुत दिलचस्प बना दिया।

युवराज बासु (विद्‌यार्थी, द हेरिटेज स्कूल)

hindijyan.com पर हिन्दी पाठ्यक्रम से जुड़े समस्त पाठों की जानकारी मौज़ूद है।