avatar-3127928_960_720

 

यह पृष्ठ मेरे उन विद्‌यार्थियों को समर्पित है जिन्होंने मेरी कक्षाओं को जीवंत बनाया और हिन्दी-शिक्षण को रोचक बनाने में मेरी भरसक सहायता की। एक शिक्षक के जीवन में उसके विद्‌यार्थी बेहद अनमोल होते हैं। वह अपने विद्‌यार्थियों को सिखाता भी है और उनसे बहुत कुछ सीखता भी है। चूँकि सीखने की कोई उम्र नहीं होती इसलिए एक शिक्षक को अपने हर विद्‌यार्थी से कुछ न कुछ ज़रूर सीखना चाहिए। मेरी कक्षाओं में मुझे ऐसे कई विद्‌यार्थी मिले, जिन्होंने मेरी शिक्षण-शैली को न केवल प्रभावित किया बल्कि कई बार मुझे उनमें बदलाव लाने की प्रेरणा भी प्रदान की।

हमारी कक्षाओं में मोटे तौर पर तीन तरह के विद्‌यार्थी होते हैं; पहले वे, जो पढ़कर सीखते हैं, दूसरे वे, जो सुनकर सीखते हैं और तीसरे वे, जो देखकर सीखते हैं। अत: एक शिक्षक के लिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि वह अपने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के संचालन के लिए उपर्युक्त तीनों तरह के विद्‌यार्थियों के लिए अपनी पाठ-योजना में उचित शैक्षणिक गतिविधियों का समावेश करे।

मेरे विद्‌यार्थियों ने सदैव मेरे द्‌वारा किए गए शैक्षणिक प्रयोगों को सराहया और मेरा साथ दिया। मैं इस पृष्ठ के द्‌वारा अपने उन तमाम विद्‌यार्थियों को धन्यवाद देना चाहूँगा।

# सौमित्र आनंद

तन्वी सुराना

तन्वी सुराना, विद्‌यार्थी – IBDP

मुझे हमेशा से ही हिन्दी काव्य आवृति में बहुत रुचि रही है  परन्तु हिन्दी साहित्य एवं भाषा की गहराई तक झाँकना मैंने जरूरी नहीं समझा था। इस संदर्भ में मैंने पहली बार सौमित्र सर की हिन्दी -कक्षा में जाकर समझने की कोशिश की। कक्षा ९ से लेकर अब तक, मेरे साहित्मेंयिक विचार में बहुत सुधार आए हैं।। मैंने अपनी मातृभाषा  की एहमियत समझी है। इसका श्रेय मेरी नवीं और दसवीं की कक्षा को जाता है। सर ने ना केवल हमें हर कहानी पर विचार गांभीर्य करने की प्रेरणा दी बल्कि  ब्लॉग के माध्यम से हमे सिखाया कि हिन्दी २१ वीं सदी में भी प्रासंगिक है। इसके अलावा, हिन्दीज्ञान पर उपलब्ध प्रश्न उत्तर  ने परीक्षा के समय हमारी बहुत सहायता की। हिन्दीज्ञान ने शिक्षण-शैली में नए तकनीकों और पारंपरिक विधाओं का समावेश कर हिन्दी कक्षा को बहुत दिलचस्प बना दिया।

युवराज बासु

 

 युवराज बासु
विद्‌यार्थी, द हेरिटेज स्कूल

हमारे लिए पढ़ाई करने का तरीका तब से आसान हो गया है जब से हमने हिंदी वेबसाइट  ‘www.hindijyan.com’  के जरिए हिन्दी पढ़ना शुरू किया।  इस वेबसाइट की खासियत यह है कि यहाँ हमारे हिन्दी पाठ्यक्रम से जुड़े समस्त पाठों की जानकारी मौज़ूद है।

इस वेबसाइट पर दिए गए प्रश्नोत्तर का उपयोग कर हम बहुत आसानी से  परीक्षाओं का सामना कर लेते हैं। काफी हद तक हम बिना पुस्तकों को छुए hindijyan की सहायता से कविता, कहानी, नाटक, व्याकरण आदि की जानकारी प्राप्त कर लेते हैं।