विशाल सिंह

हिन्दी विभागाध्यक्ष

दिल्ली पब्लिक स्कूल न्यूटाउन

कोलकाता

WhatsApp Image 2018-12-23 at 6.13.19 PM
creative-ideas-concept-illustration_1441-2541

भारत में जब कॉरपोरेट स्कूल की परंपरा ने सभी के मन में शिक्षा के बदलते परिदृश्य को पाश्चत्य जगत से हमारे बीच ला कर रख दिया तो, सबके मन में यह सवाल बार बार उठ रहा था कि अब बदलते शिक्षण का स्वरूप कैसा हो? विद्यार्थी शिक्षकों तक अपनी सुविधा के अनुसार कैसे पहुँच सके? तब जब बहुत सी दिशाएँ किसी प्रारम्भ की प्रतीक्षा में थीं, तब सौमित्र आनंद ने विद्यार्थियों के लिए केवल कक्षा-शिक्षण पर आधारित पहला हिन्दी का ब्लॉग बनाया, जो एक महीने में ही लाखों लोगों तक पहुँच गया। हिंदी ज्ञान उसी उद्देश्य का एक वृहद रूप है।

प्रीति मिश्रा

हिन्दी शिक्षिका

कोलकाता

freepikproject_template
WhatsApp Image 2018-12-23 at 6.27.11 PM

‘हिन्दी ज्ञान’ अपनी तरह का एक अलग ही वेबसाइट है। आज से आठ-दस वर्ष पहले जब मैं  CISCE पाठ्यक्रम से जुड़ी हिन्दी सामग्री की तलाश वेबसाइट पर करती तो मुझे निराशा ही हाथ लगती। उन दिनों मुझे ऐसा कोई वेबसाइट नहीं मिला जहाँ एक जगह पर ही हिन्दी की तमाम सामग्रियाँ मौज़ूद हो लेकिन हिन्दी ज्ञान और उससे पहले हिन्दी कार्य ने इस दिशा में बेहतर कार्य करके दिखाया है। आज हिन्दी ज्ञान पर पाठ्यक्रम से जुड़ी सभी सामग्री मौजूद है। कविता, कहानी, एकांकी, उपन्यास, नाटक, व्याकरण आदि पर विद्‌यार्थियों और शिक्षकों को ध्यान में रखकर पृष्ठ तैयार किए गए हैं जिनका लाभ हमें प्राप्त होता है। हिन्दी ज्ञान ने हिन्दी-शिक्षण के क्षेत्र में तकनीक के महत्त्व को भी रेखांकित किया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण गूगल फ़ॉर्म है जिस पर ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी (Quiz) तैयार कर विद्‌यार्थियों को लाभान्वित किया गया है। मैं  हिन्दी भाषा एवं शिक्षण को रोचक बनाने के लिए हिन्दी ज्ञान को धन्यवाद देना चाहूँगी।

अश्विनी कुमार

हिन्दी शिक्षक

दिल्ली पब्लिक स्कूल मेगासिटी

कोलकाता

WhatsApp Image 2018-12-23 at 6.44.39 PM
student-illustration_23-2147513439

हिंदी ज्ञान ब्लॉग मेरे लिए काफी उपयोगी रहा है। यह छात्रों और शिक्षकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। पाठ के सारे अध्याय को यहाँ काफी सरलीकृत रूप में समझाया गया है। कमजोर – से – कमजोर छात्र भी अगर पाठ ठीक से नहीं समझ पा रहा हो तो यह ब्लॉग उनकी सहायता करेगा। शब्दों के अर्थ से लेकर प्रश्नोत्तर भी सहज रूप में उपलब्ध हैं। ICSE और ISC दोनों पाठ्यक्रमों के पीछे वेबसाइट की मेहनत सराहनीय है। कवि और रचनाकार का परिचय देते वक्त उनकी तस्वीर भी यहाँ प्रकाशित करना एक बेहतर कदम है। नयी पीढ़ी  इससे अपने रचनाकारों को पहचान पाते हैं वरना विडंबना यह है कि अधिकांश तो  रचनाकार के तस्वीरों से वाकिफ ही नहीं है। इस दृष्टिकोण यह एक महत्त्वपूर्ण कार्य है।

साहित्य के साथ व्याकरण वाला हिस्सा भी काफी खास है। निबंध, पत्र और परियोजना कार्य का प्रारूप बेहतर है। अक्सर छात्रों की समस्या होती है प्रारूप को लेकर। कई बार बच्चे परेशान होते हैं, प्रारूप को लेकर। जिसका समाधान ‘हिंदी ज्ञान’ में मौजूद है।  इन सब नजरिए से देखा जाए यह काफी उपयोगी है। इसे और बेहतर किया जा सकता है कार्य – पत्रों की संख्या बढ़ाकर। आशा है कि भविष्य में और भी  सकारात्मक बदलाव लाकर ‘हिन्दी ज्ञान’ को उपयोगी बनाया जाएगा।